रायपुर शहर के मलिन बस्तियों के परिवारों की आय एवं गरीबी का अध्ययन

 

अर्चना सेठी1’, प्रगति कृष्णन2 रविन्द्र्र ब्रह्मे3

1सहायक प्राध्यापक,अर्थंषास्त्र्ा अध्ययनषाला,पं रविष्ंाकर शुक्ल विष्वविद्याालय,रायपुर, छत्तीसगढ़

2शोधार्थीं अर्थंषास्त्र्ा अध्ययनषाला,पं रविषंकर शुक्ल विष्वविद्यालय,रायपुर, छत्तीसगढ़

3प्राध्यापक, अर्थंषास्त्र्ा अध्ययनषाला,पं रविषंकर शुक्ल विष्वविद्याालय, रायपुर, छत्तीसगढ़             

*Corresponding Author E-mail:  archanasethi96@gmail.com, pragatikrishnan.8@gmail.com, ravibrahme@gmail.com

 

ABSTRACT:

छत्तीसगढ आर्थिक सर्वे 2015.16 के अनुसार कुल जनसख्या में गंदी बस्तियों के रहवासी परिवारों की जनसंख्या का प्रतिषत आंध्रप्रदेष के बाद छत्तीसगढ में 31ण्98:में सबसे अधिक हैं। मकान का अभाव जनसंख्या तीव्र गति से बढना रोजगार के अवसरों का अभाव बेरोजगारी आदि कारण मलिन बस्ती के उत्पन्न होने के प्रमुख कारण है। मलिन बस्ती में निवासरत निदर्ष परिवार में से 84ण्86 प्रतिषत सदस्य षिक्षित है एवं 15ण्14 प्रतिषत सदस्य अषिक्षित है।आश्रित जनसंख्या जिसमें कि 14 वर्ष आयु तक जनसंख्या एवं 64 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या शामिल है उसका प्रतिषत क्रमषः 22ण्27 एवं 6ण्3 प्रतिषत है। निदर्ष परिवार में 46ण्प्रतिषत सदस्य कार्यषील जनसंख्या है। समीति के अनुसार 2011.12 में नगरीय क्षेत्र में पांच सदस्यीय परिवार जिनकी औसत मासिक उपभोग ब्यय 7035 रु से कम है या प्रति ब्यक्ति औसत मासिक उपभोग ब्यय 1407 रु से कम है तब वह गरीबी रेखा से नीचे है। है।इस अनुसार रायपुर शहर की मलिन बस्ती में निवासरत निदर्ष परिवार में  40.75 प्रतिषत परिवार गरीबी रेखा से नीचे  है। इनकी प्रिवार की औसत मासिक आय 4659.86 रु एवं 6627.67 रु है एवं प््राति ब्यक्ति औसत मासिक आय 928ण्25 रु एवं 1297ण्00  रु है  ये  परिवार  5000 रु तक आयवर्ग एवं 5000.10000 रु मासिक आय वर्ग में आते है।

 

KEYWORDS: मलिन बस्ति, आय, गरीबीण्

 

 

 

 

 1 प्रस्तावना 

गरीबी मानव जीवन की सबसे बडी चुनौती होती है क्योंकि जो ब्यक्ति या परिवार इस समस्या से प्रभावित होता है उसके जीवन का प्रत्येक पक्ष इससे प्रभावित होता है। इस प्रकार गरीबी ब्यक्ति के विकास में सबसं बडी बाधा होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए हमारे देष में योजना आयोग öारा गरीबी उन्मूलन के लिए पिछले छह दषकों से लगातार विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है।सरकार öारा बनाई गई कुछ योजनाओं के लक्ष्य प्राप्त किया गया तथा कुछ योजनायें असफल रही इसलिए आज भी गरीबी उन्मूलन हमारे देष के लिए चुनौती बनी हुई है।

 

छत्तीसगढ आर्थिक सर्वे 2015.16 के अनुसार कुल जनसख्या में गंदी बस्तियों के रहवासी परिवारों की जनसंख्या का प्रतिषत आंध्रप्रदेष के बाद छत्तीसगढ ;31ण्98:द्ध में सबसे अधिक हैं। गंदी बस्ती निर्धन ब्यक्तियों का ऐसा समूह है जो गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करते हैं। ये गरीब अधिकतर ग्रामीण क्षेंत्र से पलायन कर यहां बस  जाते है। गंदी  बस्ती के ये रहवासी निम्न आय वर्ग तथा अषि़िक्षत होते है। गंदी  बस्ती के ये रहवासी रिक्षा चालक, श्रमिक तथा घरेलू नौकर होते है। षहरी क्षेत्र में गंदी बस्ती एवं गरीबी को एक दूसरे का पर्याय माना गया है। गंदी बस्तियां गरीबी का केंद्रबिंदु है जहां अनेक आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं का जन्म होता है। रंगराजन समीति की रिपोर्ट के अनुसार अभी भी देष की 30 प्रतिषत जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे है। रंगराजन समीति के मानदंड  के अनुसार  अभी भी भारत में 37 करोड जनसंख्या गरीबी की  रेखा के नीचे जीवनयापन करते हैं तथा छत्तीसगढ की 39 प्रतिषत जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे है।

 

भारत में गरीबी के संबंध में अनेक अर्थषास्त्रीयों ने अध्ययन किये हैं। डी आर गाडगिल, पी एस लोकनाथन, अषोक मेहता, बी एन गांगुली आदि ने समय समय पर अध्ययन किये। लकडवाला ने गरीबी के माप के लिए कैलोरी मानदंड को स्वीकार किया। डा कोष्टा ने प्रति ब्यक्ति ब्यय, एप्रो बी एस मिन्हास ने प्रति ब्यक्ति निजी उपभोग, पी जी वर्धन ने प्रति ब्यक्ति आय के आधार पर गरीबी का अध्ययन  किया

 

गरीबी रेखा का निर्धारण करने में विöानों के मतों में भिन्नता पायी जाती है। हमारे देष में गरीबी निर्धारण योजना आयोग भारत सरकार के öारा किया जाता रहा है। जिसमें प्रमुख दो आधार को मापदंड मानकर गरीबी रेखा का निर्धारण किया जाता रहा है। जिसमें प्रथम कैलोरी एवं दूसरा प्रति ब्यक्ति ब्यय हैै। जिसमें प्रति ब्यक्ति 2400 कैलोरी ग्रामीण क्षेत्र के लिए तथा 2100 कैलोरी शहरी क्षेत्र के लिए अनुसंषित भोजन का स्तर माना गया है। दूसरा प्रति ब्यक्ति मासिक उपभोग ब्यय के आधार पर निर्धारण किया जाता है। योजना आयोग öारा अनुसंषित रंगराजन समिति की रिपोर्ट 2014 के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में एवं शहरी क्षेत्र में 2090 कैलोरी अर्थात शहरी क्षेत्र में प्रति परिवार ;5 सदस्यद्ध 7035रु मासिक या प्रतिब्यक्ति 1070रु से कम ब्यय तथा ग्रामीण क्षेत्र में प्रति परिवार 4060रु तथा प्रति ब्यक्ति 972रु से कम ब्यय  को गरीबी रेखा से नीचे माना गया है।

 

मलिन बस्ती नगर के उस भाग को कहते हैं जहां पर मकान रहने योग्य नहीं होता एवं जहां का वातावरण स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं होता। औद्योगीकरण एवं नगरीकरण के कारण नगरो की जनसंख्या तीव्र गति से बढने के कारण आवास के अभाव में लोग झुग्गी झोपडी में रहने को मजबूर हो जाते है।

 

मलिन बस्ती के उत्पत्ति के प्रमुख कारणों में गरीबी प्रमु, है। इन बस्तियों में वही ब्यक्ति रहतें है जिनकी आय बहुत कम होती है। मकान का अभाव, जनसंख्या तीव्र गति से बढना, रोजगार के अवसरों का अभाव, बेरोजगारी आदि अन्य कारण हैं।

 

तालिका 01

Lu

'kgjh tula[;k (%)

'kgjh tula[;k o`f} nj (%)

1991

25 .72

36 .46

2001

27 .78

31 .36

2011

31 .16

34. 64

Source: CDP Raipur        

 

रायपुर शहर की शहरी जनसंख्या 1991 में 25 ण्72 प्रतिषत थी जो 2001 में 27  ण्78 प्रतिषत हो गई एवं 2011 में यह 31ण्16 प्रतिषत हो गई।षहरी जनसंख्या में वृद्वि दर 1991 में 36ण्46 प्रतिषत थी जो 2001 में घटकर 31ण्36 प्रतिषत हो गई एवं 2011 में यह वृद्वि दर बढकर 34 ण्64 प्रतिषत हो गई।

 

2 शोधसाहित्य का पुनरावलोकन    

हीरवे ;1985द्ध ने अपने अध्ययन ळंतपइप ींजंव रू ब्ंद प्त्क्च् कव पज में बताया कि गरीबों  के दो वर्ग  कुशल तथा अकुशल वर्ग के लिए अलग अलग योजना बनानी चाहिए। मेहताए कपूर और शाह ;2001द्ध ने अपने अध्ययन ब्ीतवदपब च्वअमतजल पद प्दकपंरू व्अमतअपमू ेजनकल में यह बताया कि गरीबी का मूल्यांकन सिर्फ आय या कैलोरी के आधार पर नही बल्कि साक्षरता पानी स्वास्थ्य दीर्घायु आदि को भी शामिल करना चाहिए। मिश्रा एवं दुबे ;2005द्ध इन्होंने अपने अध्ययन में बताया कि गंदी बस्ती में अधिकतर निम्न आय वर्ग वाले परिवार निवासरत होते है लेकिन रायपुर शहर की गंदी बस्ती में गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की तुलना में गरीबी रेखा से उपर के परिवारों का प्रतिषत अधिक है। बेनर्जी ;2005द्ध ने बताया कि जलस्रोत महत्वपूर्ण कारक में से एक है जहां मलिनबस्ती की उत्पत्ति होती हैं। गोस्वामीए श्रीवास एवं मन्ना ;2013द्ध इन्होंने अपना अध्ययन रायपुर शहर के संदर्भ में किया तथा बताया कि मलिन बस्तियों की समस्याएं प्रकृति में ब्यापक एवं बहुआयामी हैं। त्मचवतज वद ैजंजने िैसनउ पद त्ंपचनतए ब्ीींजजपेहंतीए ;2014द्ध अध्ययन से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर शहर के झोपडपटटी आबादी के विकास के लिए विषेष कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। रंगराजन समिति ;2014द्ध योजना आयोग की अनुषंसा पर मई 2012 में गठित रंगराजन समिति ने जुलाई 2014 में अपनी रिपोर्ट दी उन्होंने प्रति परिवार ;5 सदस्यद्ध मासिक ब्यय के आधार पर ग्रामीण क्षेत्र में 4860रु तथा शहरी क्षेत्र में 7035 रु प्रतिपरिवार मासिक ब्यय के आधार पर गरीबी रेखा का निर्धारण किया अर्थात प्रतिब्यक्ति मासिक ब्यय ग्रामीण क्षेत्र मे 972रु तथा शहरी क्षेत्र में 1407रु से कम को गरीबी रेखा से नीचे माना।

 

3 मलिन बस्तियों की जनांकिकीय एवं आर्थिक पृष्टभूमि

जनांकिकीय एवं आर्थिक पृष्टभूमि से मनुष्य के विकास की दशाओं का निर्धारण होता है। दुर्खीम 1912, गुहा 1952, कृष्णकुमार 1982 आदि ने ब्यक्तियों के सामाजिक आर्थिक पक्षों पर प्रकाश डालने में परिवेशयुक्त विचारधारा का प्रतिपादन किया है और यह मत प्रतिपादित किया है कि सामाजिक आर्थिक पृष्टभूमि मनुष्य की विकास की दिशा तय करता है।इस अध्ययन में हमने सामाजिक आर्थिक पृष्टभूमि के स्पष्टीकरण हेतु आयु, लिंग, वैवाहिक स्थ्तिि, शिक्षा, रोजगार को लिया है। मलिनबस्तियों की विकास कार्य के लिए रायपुर नगरनिगम उत्तरदायी है 282 मलिन बस्तियों में से 01 अधिसूचित 69 चिन्हांकित 262 रेखांकित हैं।

 

4 उददेष्य ददेश्य रू

प्रस्तुत अध्ययन का उददेष्य  निम्नलिखित है

1 रायपुर शहर की  मलिन गंदी बस्तियों के निदर्ष परिवारों की जनांकिकीय  एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन करना  

2 रायपुर शहर की मलिन गंदी बस्तियों के परिवारों में रोजगार आय की स्थ्तिि एवं गरीबी का अध्ययन करना  

3 रायपुर शहर की मलिन गंदी बस्तियों के परिवारों की आय को प्रभावित करने वाले तत्वों का अध्ययन करना।

4 रायपुर शहर की मलिन गंदी बस्तियों के परिवारों में गरीबी दूर करने हेतु आवष्यक सुझाव प्रस्तुत करना।

 

5 परिकल्पना रू

1 मलिन बस्तियों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का प्रतिषत गरीबी रेखा से उपर के परिवार  की तुलना में अधिक है।

2 मलिन बस्तियों में रहने वाली परिवारों में साक्षरता का स्तर रायपुर शहर की साक्षरता की तुलना में अत्यंत निम्न है।

 

6 अध्ययन öति रू

आंकडों का संकलन रू

वर्तंमान अध्ययन मे प्राथमिक तथा द्वितियक समंकों का उपयोग किया गया हेैं। द्वितियक समंकों को जनगणना पुस्तिका, छत्तीसगढ़ जनगणना 2011, छत्तीसगढ आर्थिक सर्वे 2019.20 से एकत्रित का किया गया है प्राथमिक  समंकों  का संग्रहण अनुसूची के माध्यम से  किया गया  हैं। प्रस्तुत अध्ययन में समानुपातिक दैव निदर्षन  का उपयोग किया गया है, जिसमे रायपुर शहर के 66 मलिन बस्तियों से प्रत्येक मलिन बस्तियों  से 10 परिवारों  को लिया गया हैं। इस तरह कुल 660 परिवारों को लिया गया हैं।

 

7 आंकडों का विश्लेषणरू

प्रस्तुत अध्ययन रायपुर शहर के 66 मलिन बस्तियों के 660 परिवारों के प्राथमिक समंकों पर आधारित होगा। समंकों के संकलन हेतु अनुसूची का प्रयोग किया गया है। आय को प्रभावित करने वाले तत्वों के अध्ययन के लिए बहुगुणी प्रतीपगमन गुणांक ज्ञात किया जाएगा। मलिन बस्तियों में रहवासी परिवारों की गरीबी का अध्ययन रंगराजन समीति की रिपोर्ट के आधार पर कियागया है।

 

8 म्लिन बस्ती के निदर्ष परिवार के सदस्यों का षिक्षानुसार वितरण

मनुष्य के जीवन में षिक्षा का विषेष स्थान है। षिक्षा से ब्यक्ति के जीवन में आर्थिक सामाजिक शारीरिक एवं नैतिक विकास होता है। षिक्षा ब्यक्ति की कार्यक्षमता एवं कार्यप्रणाली को भी प्रभावित करता है। एक समाज कितना सभ्य तथा सुसंकृत है तथा विचारों को कितनी शीघ्रता से ग्रहण करनें में सक्षम  है यह उसकी षिक्षा तथा शैक्षणिक स्तर पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त षिक्षाए विवाह की आयुए जन्मदरए मृत्युदरए  प्रवास तथा आर्थिक क्रियाओं को प्रभावित करता है। 

 

तालिका 2

मलिन बस्ती के निदर्श परिवार के सदस्यों का शिक्षानुसार वितरण

Dz' 

Iqk#’k

efgyk

;ksx

1. vf'kf{kr

315 (23.74)

408 (31.19)

723 (27.43)

2. f'kf{kr

1012(76.26)

900 (68.81)

1912 (72.56)

3;ksx

1327 (100)

1308 (100)

2635 (100)

स््रोात सर्वे पर आधारित

 

तालिका से स्पष्ट है कि मलिन बस्ती में निवासरत निदर्श परिवार में से  72ण्56 प्रतिशत सदस्य शिक्षित है एवं  27ण्43 प्रतिशत सदस्य अशिक्षितहै। पुरुष वर्ग में साक्षरता 76ण्26  प्रतिशत एवं महिला वर्ग में साक्षरता का प्रतिशत 68ण्81 है।

 

09 मलिन बस्ती के  निदर्श परिवार के सदस्यों का लिंग एवं ब्यवसाय अनुसार वितरण

मनुष्य का कार्य आवश्यकताओंए कार्यक्षमताओं तथा विचारों को प्रभावित करती है। किसी राष्ट्र की जनसंख्या की ब्यावसायिक संरचना के माध्यम से हम ब्यक्ति की आयए उपभोग प्रारुपए बचत  आदि की जानकारी प्राप्त कर सकते है। मलिन बस्ती में निवासरत निदर्श परिवार में 53ण्8 ब्यक्ति कार्यरत है। पुरुषों में 55ण्4 प्रतिशत कार्यशील जनसंख्या है तथा महिलाओं में कार्यआील जनसंख्या का प्रतिशत 36ण् 9 प्रतिशत है। पुरुषों का सर्वाधिक 18ण्5 प्रतिशत स्वरोजगार श्रमिक (व्यापार, रिक्षा चालक,ठेलेेवालेद्ध है। पुरुषों  का 16ण्4 प्रतिशत दैनिक मजदूरी कर्मीं (मजदूर) है एवं 16ण्2 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के नियमित वेतनभोगी (दुकान, धरों में कामवाले) है। पुरुषों में सबसे कम 2ण्1 प्रतिशत अन्य कार्य (समाज सेवा, किराया) आदि में संलन है। महिलाओं का 36ण् 9 प्रतिशत कार्यशील जनसंख्या है। असंगठित क्षेत्र के नियमित वेतनभोगी (दुकान, कामवाली बाईआदि कार्य में सर्वाधिक 15ण्7 प्रतिशत जनसंख्या संलग्न है। महिलाओं में दैनिक मजदूरी कर्मीं (मजदूरद्ध वर्ग में 12ण्2 प्रतिषत जनसंख्या संलग्न है।

 

 

तालिका 3 मलिन बस्ती के  निदर्श परिवार के सदस्यों का लिंग एवं ब्यवसाय अनुसार वितरण

dz

fyax

dk;Z'khy tula[;k

 

vdk;Z'khy tula[;k

 

d`f"k

nSfud Ektnwjh deh± ĽEktnwj˝

Lojkstxkj

vlaxfBr {ks= ds fu;fer osruHkksxh Ľnqdku]dkeokyh ckbZ˝ 

vU; Ľlekt lsok] fdjk;k˝

;ksx

 

 

;ksx

Jfed ĽO;kikj] fjD’kk pkyd] Bsyssokys˝

1

Efgyk

18                                                

(1.2)

180

(12.2)

88

(5 .9)                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                        

233

(15.7)

28

(1.9)

547

(36.9)

933

(63.1)

1480

 (100)

2

iq#’k

32                                                                                                                                                                                                                       

(2.2)

246

(16.4)

276

(18.5)

242

 (16.2)

31

(2.1)

827

(55.4)

670

(44.6)

1497

(100)

3

;ksx

8

(1.2)

46

(6.9)

176

(26.7)

260

(39.4)

28

(4.2)

1374

(46.2)

1603

(53.8)

2977

(100)

स््रोात सर्वे पर आधारित

 

तालिका 4 मलिन बस्ती के निदर्श परिवारों में मकान की स्थ्तिि

Ř

Ifjokj dh vk; oxZ

#

fdjk;s dk edku

Lo;a dk iDdk edku

Lo;a dk dPpk edku

;ksx

vko`fr

Izkfr’kr

vko`fr

Izkfr’kr

vko`fr

Izkfr’kr

vko`fr

Izkfr’kr

1

5000 # rd vk;

66

(48.18)

42

(13 .55)

39

(18. 31)

147

(22.27)    

2

5000-10000

35

(25. 55)

53

(17. 11)

34

(15 .96)

122

(18-48)

3

10000-15000

06

(4.38)

11

(3 .55)

07

(3 .29)

24

(3-64)

4

15000-20000

12

(8. 76)

54

(17. 42)

31

(14. 55)

97

(14-69)

5

20000 25000

03

(2.19)

83

(26 .77)

70

(32. 86)

156

(23-65)

6

25000 ls vf/kd              

15

(10.95)

67

(21. 61)

32

(15 .02)

114

(17-27)

7

;ksx

137 (20.76)

(100)

310 (46.97)

(100)

213

(32. 27)

(100)

660

(100)

(100-0)

स््रोात सर्वे पर आधारित

 

मलिन बस्ती के निदर्श परिवार में 20ण्76 प्रतिशत परिवार किराये के घर में रहते है। 46ण्97 प्रतिशत परिवार के पास पक्का मकान एवं 32ण्27 प्रतिशत परिवार के पास कचच मकान है। जिस परिवार की आय  अधिक है पक्का मकान में आवास का प्रतिशत भी अधिक है।

 

                                         

तालिका 5 मलिन बस्ती में निवासरत परिवार में  पेयजल स्रोत

Ř

Ifjokj dh vk; oxZ

#

lkoZtfud uy

Ukxjfuxe uy

uydwi

dqvka

;ksx

vko`fr Izkfr'kr

vko`fr Izkfr'kr

vko`fr Izkfr'kr

vko`fr Izkfr'kr

vko`fr Izkfr'kr

1

5000 # rd vk;

46

(59.77)

49

(14.18)

49

(22.48)

03

(25.00)

147

(22.27)    

2      

5000-10000

24

(31.17)

63

(18.37)

34

(15.61)

01

(7.99)

122

(18-48)

3

10000-15000

04

(5.19)

13

(3.59)

07

(3.21)

 

24

(3-64)

4

15000-20000

0-03

(3.89)

57

(16.42)

35

(16.11)

02

(16.91)

97

(14-69)

5

20000 25000

 

105

(30.41)

51

(23.39)

 

156

(23-65)

6

25000 ls vf/kd              

-

66

(18.49)

42

(19.27)

06

(50.00)

114

(17-27)

7

;ksx

77 (11.67)

(100)

353 (51.36)

(100)

218 (33.03) (100)

12 (1.8)

(100)

660

(100-0)

स््रोात रू सर्वे पर आधारित

 

मलिन बस्ती के निदर्श परिवार में 11ण्67 प्रतिशत परिवार सार्वजनिक नल से पेयजल प्राप्त करते हैं 51ण् 36 प्रतिषत नगरनिगम के नल से पेयजल प्राप्त करते हैं 33 03 प्रतिशत नलकूप से एवं 1ण् 8 प्रतिशत परिवार कुआं से पेयजल प्राप्त करते है। तालिका से स्पष्ट है कि जैसे जैसे आय का स्तर बढते जा रहा है वैसे वैसे सार्वजनिक नल से पेयजल का प्रतिशत कम एवं नगरनिगम के नल  एवं नलकूप से पेयजल का प्रतिशत बढते जा रहा है।

 

मलिन बस्ती के  निदर्श परिवार के सदस्यों का लिंग एवं आयु अनुसार वितरण   

मनुष्य की  आवश्यकताओंए कार्यक्षमताओं तथा विचारों को प्रभावित करती है।किसी राष्ट्र की जनसंख्या की आयुसंरचना के माध्यम से हम उसकी जनशक्ति आपूर्ति एनिर्भरता अनुपातए सामाजिक आर्थिक क्रियाकलाप संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते है।लिंग प्रादेशिक विश्लेषण तथा वर्तमान सामाजिक आर्थिक दशाओं का एक महत्वपूर्ण सूचक होता है। लिंग एवं विवाह परिवार में ब्यक्ति के सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों का निर्धारण करती है।ब्यक्ति की कार्यक्षमता एवं कार्यप्रणाली पर वैवाहिक स्थ्तिि का प्रभाव निश्चित रु़प से पडता है। लिंग एवं विवाह का प्रभाव ब्यक्ति की आयए उपभोग प्रारुप एबचत आदि पर पडता है तथा साथ ही लिंग एवं विवाह परिवार के आकार को भी प्रभावित करता है।

 

 

तालिका 6 मलिन बस्ती के निदर्श परिवार के सदस्यों का लिंग एवं आयुनुसार वितरण

vk;q

fyax

14 o’kZ vk;q rd tula[;k

14-21

21 -35

35-49

49 -64

64 ls vf/kd

;ksx

Ikq#’k

364

(24.31)

128

(8.55)

362

(24.16)

329

(21.96)

222

(14.82)

92

6 .2

1497 (50.28)

(100)

Efgyk

299

(20.20)

159

(10.72)

338

(22 .83)

322

(21.75)

265

(17.90)

97

6.6

1480 (49.72)

(100)

;ksx

663

(22.27)

287

(9.64)

700

(23. 51)

651

(21.87)

487

(16. 4)

189(6.3)

(100)

2977 (100) (100)

स््रोात सर्वे पर आधारित

 

तालिका से स्पष्ट है कि मलिन बस्ती के निदर्श परिवार के सदस्यों में 50ण्28 प्रतिशत पुरुष एव 49ण्72 महिला है।आश्रित जनसंख्या जिसमें कि 14 वर्ष आयु तक जनसंख्या एवं 64 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या शामिल है उसका प्रतिशत क्रमशः 22ण्27  एवं 6ण्3 प्रतिशत है। 35 वर्ष तक की आयु की जनसंख्या अर्थात युवा जनसख्या जिसका प्रतिशत 55ण्42 हैं। पुरुषों में 57ण्02 प्रतिशत 35 वर्ष तक की आयु की जनसंख्या अर्थात युवा जनसख्या है महिलाओं में 53ण् 75 प्रतिशत युवा जनसंख्या है।

 

मलिन बस्ती की निदर्श परिवार की पारिवारिक संरचना एवं आय

तालिका 7 में निदर्श परिवार की सदस्य संख्या परिवार का औसत आकार परिवार के कुल सदस्यों की मासिक आय प्रिवार की औसत मासिक आय प््राति ब्यक्ति औसत मासिक आय को दर्शाया गया है। 20000दृ 25000 रु मासिक आय प्राप्त करने वाले परिवार की संख्या सर्वाधिक 23.65 प्रतिशत है।ं 5000रु तक मासिक आय प्राप्त करने वाले परिवार 22.27 प्रतिशत है। सबसे कम 10000.15000 रु मासिक आय प्राप्त करने वाले परिवार का प्रतिशत 3.64 है। 25000 रु मासिक से अधिक आय प्राप्त करने वाले परिवार 17.27 प्रतिशत हेै।परिवार का औसत आकार 5.38 सर्वाधिक 15000.20000रु मासिक आय प्राप्त करने वाले परिवार की है एवं परिवार का सबसे छोटा ;4.0द्ध आकार 20000.25000 मासिक आय प्राप्त करने वाले परिवार की है।             

 

   

तालिका 7 निदर्श परिवार की पारिवारिक संरचना एवं आय

Ř

Ifjokj  dh vk; oxZ

 

#

fun'kZ ifjokj dh

Lka[;k        

 

Izkfr'kr

lHkh ifjokjksa dh lnL; la[;k

Ifjokj dk vkSlr

Vkdkj

lEiw.kZ ifjokj ds dqy lnL;ksa dh ekfld vk;

#

Ifjokj dh vkSlr Ekkfld

vk;

#

Izkfr C;fDr vkSlr Ekkfld vk;

#

1

5000 # rd vk;

147

22.27    

738

5-02

685000

4659-86

928.25

2

5000-10000

122

18-48

623

5-11

808575           

6627-67

1297.00

3

10000-15000

24

3-64

120

5 -0

312000

13000-0

2600.00

4

15000-20000

97

14-69

521

5-38

1857000

19144-32                                                                                                                                                                                                                                                                                           

3558.42

5

20000 25000

156

23-65

624

4-00

3432000

22000-00

5500.00

6

25000 ls vf/kd              

114

17-27

499

4-37

2952000

25894-7

5925. 56

7

;ksx

660

99-97

3125

Ľ99-89

4-73

10184000

15430-30

3262 .22

स््रोातः सर्वे पर आधारित

 

सम्पूर्ण परिवार के कुल सदस्यों की मासिक आय 10184000 रु हैं। सम्पूर्ण परिवार के कुल सदस्यों की मासिक आय सर्वाधिक 20000दृ 25000रु आय वर्ग की  3432000रु है एवं सबसे कम 10000.15000 रु आयवर्ग की 312000रु है। सम्पूर्ण परिवार की औसत मासिक आय 15430.30 रु है। सम्पूर्ण परिवार की  प्रति  ब्यक्ति औसत मासिक आय 3262ण्22 रु है। प्ािरवार की औसत मासिक आय सर्वाधिक 250000रु दृ से अधिक आय वर्ग की 25894.7 रु है एवं सबसे कम 4659.86 रु 5000 रु तक मासिक आयवर्ग की है प््राति ब्यक्ति औसत मासिक आय सर्वाधिक  5925ण्56 रु 250000 दृ से अधिक आयवर्ग की एवं सबसे कम  928ण् 25रु 5000 रु तक आयवर्ग की है।

 

मलिन बस्ती में निवासरत परिवारों की गरीबी

रंगराजन  समीति के अनुसार 2011.12 में नगरीय क्षेत्र में पांच सदस्यीय परिवार जिनकी औसत मासिक उपभोग ब्यय 7035 रु से कम या प्रति ब्यक्ति औसत मासिक उपभोग ब्यय 1407 रु से कम है वह परिवार गरीबी रेखा से नीचे है।इस अनुसार रायपुर शहर की मलिन बस्ती में निवासरत निदर्श परिवार में  40.75 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा से नीचे  है।इनकी प्रिवार की औसत मासिक आय 4659.86 रु एवं 6627.67 रु है एवं प््राति ब्यक्ति औसत मासिक आय 928ण्25 रु एवं  रु है। 1297ण्00  रु है  ये  परिवार   5000 रु तक  मासिक आय वर्ग एवं 5000.10000 रु मासिक आय वर्ग में आते है।

   

मलिन बस्ती में निवासरत परिवार की आय को प्रभावित करने वाले तत्व

आय को प्रभावित करने वाले कारकों को ज्ञात करने के लिए बहुगुणी प्रतीपगमन गुणांक का प्रयोग करेंगे सूत्र निम्नलिखित S

 

Y = a + b1x1 + b2x2 + b3x3 + b4x4 + b5x5 + b6x6+ b7x7

 

Y= आश्रित चर आय संगणित मूल्य

x1,  x2 , x3 x4,  x5, x6    =  स्वतंत्र चर 

b1,b2,b3,b4,b5,b6 =  प्रतिपगमन गुणांक

a1=    स्थिरांक

x1लिंग

x2 =  आयु

x3= षिक्षा

x4 =   परिवार का आकार

x5 =  ब्यवसाय

x6 = वैवाहिक स्थ्तिि

x7 = परिवार की संरचना

 

Y = 21 + 0.165x1 + 0.246x2 + 0.102x3 + 0.103x4 + 0.567x5 + 0.438x6+ 0.133x

 

मलिन बस्ती में निवासरत न्यादर्श परिवार की आय को प्रभावित करने वाले तत्वों का 95 प्रतिशत सार्थकता स्तर पर ;चत्रण्005द्ध परीक्षण किया गया लिंगए आयु एषिक्षा एपरिवार का आकारए ब्यवसायए वैवाहिक स्थ्तििए एवं परिवार की संरचना सभी मलिन बस्ती में निवासरत न्यादर्श   परिवार की आय को धनत्मक रुप से प्रभावित कर रहे है।

 

परिकल्पना परीक्षण

1) हमारी प्रथम परिकल्पना कि मलिन बस्ती में गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की संख्या गरीबी रेखा से उपर के परिवार की तुलना में अधिक है वह अस्वीकार की जाती है क्योंकि रायपुर शहर की मलिन बस्ती की निदर्श परिवार की 40.75 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे एवं 59ण् 25 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा के उपर है।

 

2) दूसरी परिकल्पना मलिन बस्तियों में रहने वाली परिवारों में साक्षरता का स्तर अत्यंत निम्न है वह स्वीकार की जाती है क्योकि रायपुर शहर की 86ण्9 प्रतिशत जनसंख्या शिक्षित है एवं मलिन बस्ती में निदर्श निवासरत परिवार में 72ण्56 प्रतिशत लोग शिक्षित हे।

 

सुझााव

1 मलिन बस्ती में निवासरत परिवार में आयस्तर निम्न है यहां की 44ण्6 प्रतिशत  जनसंख्या अकार्यशील है अतः मलिन बस्ती में निवासरत अकार्यशील अल्पकालीन रोजगार मूलक प्रशिक्षण शिविर लगाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना चाहिए।

 

2 मलिन बस्ती में निवासरत परिवार में 32ण् 27 परिवार अभी भी कच्चा मकान में निवास करते है शासन को प्रत्येक परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराना चाहिए।

 

3 मलिन बस्ती में निवासरत परिवार में 11ण्67 परिवार अभी भी सार्वजनिक नल से पेयजल प्राप्त करते है शासन को चाहिए कि प्रत्येक घर में कम से कम नगरनिगम का नल हों।

 

निष्कर्ष

रंगराजन  समीति के अनुसार 2011.12 में नगरीय क्षेत्र में पांच सदस्यीय परिवार जिनकी औसत मासिक उपभोग ब्यय 7035 रु से कम है या प्रति ब्यक्ति औसत मासिक उपभोग ब्यय 1407 रु से कम है तब वह गरीबी रेखा से नीचे है। है।इस अनुसार रायपुर शहर की मलिन बस्ती में निवासरत निदर्श परिवार में  40.75 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा से नीचे  है। इनकी प्रिवार की औसत मासिक आय 4659.86 रु एवं 6627.67 रु है एवं प््राति ब्यक्ति औसत मासिक आय 928ण्25 रु एवं 1297ण्00  रु है  ये  परिवार  5000 रु तक आयवर्ग एवं 5000.10000 रु मासिक आय वर्ग में आते है। मलिन बस्ती में निवासरत परिवार में आयस्तर निम्न है यहां की 44ण्6 प्रतिशत  जनसंख्या अकार्यशील है अतः मलिन बस्ती में निवासरत अकार्यशील अल्पकालीन रोजगार मूलक प्रशिक्षण शिविर लगाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना चाहिए।

 

आभार

प्ब्ैैत् दृ प्डच्त्म्ैै के तहत लघु अनुसंध्ाान परियोजना  छत्तीसगढ की मलिन बस्तियों के परिवारों में ऊर्जा उपभोग की स्थ्तिि का अध्ययन (रायपुर शहर के विशेष संदर्भ में) के लिए  अनुदान प्राप्त हुआ है। प्रस्तुत अध्ययन लघु अनुसंध्ाान परियोजना पर आधारित हैें।

 

 

 

संदर्भ                                  

1.             Agrawal, Vandana and Bandyopadhyay, A. (2016) Identification of factors for Growth of Slum: Case Study ” Jyoti Nagar” Slum Raipur ”International Journal for Innovative Research in Science and Technology, Vol.-3, Issue-06, Nov. 2016.

2.             Goswami, Sribas and Manna Samita (2013) Urban Poor Living in Siums: A Case Study of Raipur City in India, Global Journal of Human Social Science, Sociology and Culture, Vol.-13, Issue -04,

3.             Banerji M, (2009). Provision of basic services in the slums and resettlement colonies of Delhi, Institute of Social Studies Trust Centre des Nations Unies pour les Establishments Humains (CNUEH)1981, Amelioration physique des taudis et des bidonvilles,Nairobi.

4.             Hiraway, indira (1985). “Garibi hato : can IRDB do it” Economic and Politacal Weekly, pp.5-62.

5.             Mehta, Aasha, and Shah, Amita (2001). “Chronic Poverty in India; Overview study”. Chronic Poverty Research Center. Pp.1-71

6.             Rangrajan Report (2014) Report on poverty.

7.       मिश्राए पूर्णिमा एवं दुबेए उषा ;2005द्धरायपुर शहर की गंदी बस्तियों के परिवारों में गरीबी एरिसर्च लिंकए वर्ष. प्टए ;6द्धपूर्णांक .23 एनवम्बर 2005एपृण् क्रण् 87. 92ण्

8.       पण्डेय दीपिका प्रिया ;2014द्ध श्रंनदकपबम म्चपकमउपब म्दहनसपिदह जीम न्तइंद सपमि पद त्ंपचनत ण्

9.       जयसवालए रामकृष्ण रंजन कुमुद ;2011द्ध श्मनरेगा कर्यक्रम रू उपलब्धियांए समस्याएंए एवं समाधानश् लोकतंत्र समीक्षा पृण् 1.10ण्       

10.     आर्थिक सर्वे 2015.16

 

 

 

 

 

Received on 18.07.2020         Modified on 20.08.2020

Accepted on 10.09.2020         © A&V Publication all right reserved

Int. J. Ad. Social Sciences. 2020; 8(3): 61-68.